बाड़मेर। कृषि विभाग द्वारा किसानों को एक दिवशीय प्रक्षिशण में किसानों को जैविक खेती के बारे में जानकारी दी गई। गुड़ानाल के पूर्व सरपंच चन्द्र सिंह राजपुरोहित ने कहा कि मिट्टी की गुणवत्ता नीव है, जिस पर जैविक खेती आधारित है। खेती के तरीकों से कोशिश है कि मिट्टी की उर्वरता का निर्माण और रखरखाव बना रहे। इसके लिए एकाधिक फसलें उगाना, फसलों का परिक्रमण, जैविक खाद और कीटनाशक और न्यूनतम जुताई आदि तरीके हैं। मिट्टी में मूल जैविक तत्व प्राकृतिक पौधों के पौष्टिक तत्वों से बना है, जो हरी खाद, पशु का खाद, कम्पोस्ट और पौधों के अवशेष से बना है। कई अध्ययनों के अनुसार, जैविक खेती मे पारंपरिक खेती प्रणाली की तुलना में अधिक श्रम निवेश की आवश्यकता होती है।
जाने शहीद श्री रमेश चौधरी के जीवन के बारे में
शहीद रमेश के साथ अपने फुर्सत के क्षण बिताने वाले उनके रिश्तेदारों और करीबी मित्रों ने सबगुरु न्यूज को बताया कि वह हमेशा कहता था कि जम्मू कश्मीर में जीवन की अनिश्चितता है । ऐसे में इस दौरान शादी करता है और उसे कुछ हो जाता है तो किसी लडक़ी के जीवन के साथ खिलवाड़ और अन्याय होगा।रमेशकुमार को जितना सम्मान अपनी मातृभूमि और परिवार के लिए था, उतना ही सम्मान नारी शक्ति के रूप में उनकी अर्धांगिनी बनने वाली युवती के प्रति भी था। इसी का परिणाम था कि वह जम्मू-कश्मीर के अनिश्चितता भरे माहौल में पोस्टिंग के दौरान शादी नहीं करना चाहता था। रमेश ने अपने मित्रों को बताया था कि बीएसएफ में सेवाकाल में चार साल जम्मू कश्मीर में निकालना होता है, वह चार साल पूर्ण करते ही जैसे ही अन्य स्थान पर पोस्टिंग होगी वह शादी करेगा ।-कैसे कहें पिता से कि देश पर न्योछावर हो गया भाईशहीद रमेश कुमार की शहादत ने जिलेवासियों को गौरवांवित किया हो, लेकिन नौ महीने कोख में रखकर अपने बेटे के लिए सपने बुनने वाली मां और बेटे के जीवन को लेकर हर पल चिंतित रहने वाले शहीद के पिता बाबूराम को अभी भी यह दुखद हादसा छिपाया गया है।रमे...
टिप्पणियाँ